अनाज मंडियों में किसान हो रहे परेशान, विपक्ष में सरकार पर बोला तीखा हमला
बायोमेट्रिक की शर्त वापस लेने, समय पर किसानों को भुगतान करने की मांग

सत्य खबर हरियाणा
Wheat procurement in Haryana : हरियाणा के अनाज मंडियां इस समय किसानों के पीले सोने से अटी हुई हैं। किसानों की फसल खरीद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोग मंडियों के दौरे पर हैं। हरियाणा में इस समय गेहूं की खरीद का काम अपने यौवन पर है। एक ओर जहां सरकार इस बात का दावा करती है कि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत गेहूं की खरीद में नहीं आने दी जाएगी वहीं दूसरी ओर विपक्ष का दावा है की किसान इस समय गेहूं को लेकर बहुत परेशान है।
सरकार बायोमेट्रिक की शर्त वापस ले : अभय चौटाला

इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि किसानों को परेशान करने के लिए बीजेपी सरकार ने बेमतलब की शर्तें लगाई हैं। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि बीजेपी सरकार लगातार किसानों को परेशान कर रही है। मंडियों में किसानों के साथ सौतेला व्यवहार करके प्रताड़ित किया जा रहा है। बीजेपी सरकार द्वारा बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी शर्त थोपे जाने से किसानों को फसल बेचने में बहुत दिक्कतें आ रही हैं। सरकार का यह तर्क बेहद बेतुका है कि ये शर्तें फसल खरीद घोटालों को रोकने के लिए लगाई गई हैं। किसानों पर शर्तें थोपने की बजाय सरकार अपने अधिकारियों और व्यापारियों की मिलीभगत पर लगाम लगाए तो घोटाले ही नहीं होंगे। मंडियों में किए जा रहे घोटालों के लिए सरकार जिम्मेदार है न कि किसान। बीजेपी सरकार बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी शर्त को तुरंत हटाकर किसानों को राहत दे। नहीं तो इनेलो पार्टी किसानों को साथ लेकर बड़ा फैसला लेगी।
किसान उत्पादन करने के बावजूद अपनी फसल को आसानी से मंडियों तक नहीं पहुंचा पा रहा : शैलजा

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा के किसानों की गंभीर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज किसान उत्पादन करने के बावजूद अपनी फसल को आसानी से मंडियों तक नहीं पहुंचा पा रहा है और न ही उसे समय पर भुगतान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह, जो किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समय होता है, उसमें किसान खेतों में कार्य करने की बजाय सड़को पर आंदोलन करने को मजबूर है। यह स्थिति प्रदेश सरकार की जनविरोधी और किसान विरोधी नीतियों को स्पष्ट रूप से उजागर करती है। कुमारी सैलजा ने कहा कि एमएसपी पर खरीद प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बना दिया गया है, जिससे किसान मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो रहा है।
हरियाणा के किसानों पर दोहरी मार : सुशील गुप्ता

आम आदमी पार्टी हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने आज एक बयान जारी कर हरियाणा के किसानों पर दोहरी मार पड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ मंडियों में गेहूं की खरीद और उठान न होने से अन्नदाता बहुत परेशान हो गया है और सड़कों पर बैठने को मजबूर है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र की मोदी सरकार ने “खाद की राशनिंग” कर किसानों के साथ बड़ा षड्यंत्र रचा है। डॉ. सुशील गुप्ता ने हरियाणा की मंडियों के हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रदेश की मंडियों में 20 लाख टन से अधिक गेहूं की आवक हो चुकी है। गेहूं का सीजन अपनी पीक पर है और अगले 2-3 दिनों में मंडियों में 20 लाख टन गेहूं ओर आने की संभावना है। लेकिन मंडियों से गेंहू के धीमें उठान से मात्र 49 हजार टन का उठान होना नायब सरकार की प्रशासनिक विफलता दर्शाता है।
सरकार ने किया अब तक एक प्रतिशत से भी कम का भुगतान : दुष्यंत चौटाला

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि आज भाजपा सरकार की नाकामियों की वजह से प्रदेश के किसान प्रताड़ित हो रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा न तो समय पर फसल खरीद की व्यवस्था की गई और न ही फसल खराबे पर किसानों की राहत के लिए कोई कदम उठाए जा रहे है। दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा फसल खरीद के दिए आंकड़ों को दोहराते हुए भाजपा सरकार को घेरा और कहा कि सीएम को ये भी पता नहीं है कि खरीद, उठान, भुगतान प्रक्रिया कैसे चल रही है? दुष्यंत चौटाला ने आगे कहा कि सरकार अभी तक एक प्रतिशत से भी कम किसानों का भुगतान कर पाई है। उन्होंने कहा कि ये दर्शाता है कि अभी तक तो सरकार मंडियों में बायोमेट्रिक, बारदाना की भी व्यवस्था नहीं कर पाई है, उठान और भुगतान तो दूर की बात है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री द्वारा ये कहना कि बेमौसमी बरसात के चलते मुआवजा के लिए चार जिलों में आदेश दिए गए है, ये दर्शाता है कि सरकार किसानों को मुआवजा देने में भेदभाव करने की सोच रखती है और सीएम का पूरे प्रदेश पर ध्यान नहीं है।
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